खेल में योजना (CH-1) Notes in Hindi || Class 12 Physical Education Chapter 1 in Hindi ||

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पाठ – 1

खेल में योजना

In this post we have given the detailed notes of class 12 Physical Education chapter 1 Khel mein Yojnan (Planning in Sports) in Hindi. These notes are useful for the students who are going to appear in class 12 board exams.

इस पोस्ट में क्लास 12 के शारीरिक शिक्षा के पाठ 1 खेल में योजना (Planning in Sports) के नोट्स दिये गए है। यह उन सभी विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है जो इस वर्ष कक्षा 12 में है एवं शारीरिक शिक्षा विषय पढ़ रहे है।

BoardCBSE Board, UP Board, JAC Board, Bihar Board, HBSE Board, UBSE Board, PSEB Board, RBSE Board
TextbookNCERT
ClassClass 12
SubjectPhysical Education
Chapter no.Chapter 1
Chapter Nameखेल में योजना (Planning in Sports)
CategoryClass 12 Physical Education Notes in Hindi
MediumHindi
Class 12 Physical Education Chapter 1 खेल में योजना (Planning in Sports) in Hindi

खेलों में योजना

योजना का अर्थ :-

भविष्य के लिए उद्देश्यों/लक्ष्यों को निर्धारित करने और उन्हें पूरा करने का निर्णय लेने की प्रक्रिया योजना कहलाती है।

खेलो में योजना की आवश्यकता / योजना के उद्देश्य :-

  • तालमेल स्थापित करता
  • नियंत्रण का विकास करना 
  • दबाव कम करना 
  • बड़े लक्ष्यों की प्राप्ति की प्रक्रिया को सरल बनाना
  • निर्णय लेने की प्रक्रिया को सरल बनाना 
  • विभिन्न कार्यो का विभाजन करना 
  • जिम्मेदारियां निर्धारित करना  
  • गलतीयो की सम्भावनाओ को कम करना 
  • समय, धन तथा साधनो की बर्बादी पर रोक लगाना 
  • रचनात्मक को बढ़ावा देना
  • बजट निर्धारित करना

खेल प्रतियोगिताओ में  विभिन्न कार्यो को सफलतापूर्वक करने के लिए अलग अलग  समितियों का निर्माण किया जाता है जिन्हे खेल समितियां  कहते है। 

खेल समितियां के प्रकार 

  • प्रतियोगिता से पूर्व समितियाँ 
    • खेल प्रतियोगिता की सफल शुरुआत के लिए प्रतियोगिता से पूर्व समितियों का गठन किया जाता है।  
    • यह समितियाँ वह सभी कार्य करती है जो प्रतियोगिता को शुरू करने के लिए आवश्यक होते है।
  • प्रतियोगिता के दौरान समितियाँ 
    • खेल प्रतियोगिता के सफल संचालन को सुनिश्चित करना  प्रतियोगिता से दौरान  समितियों का कार्य होता है।  
    • यह समितियाँ वह सभी कार्य करती है जो प्रतियोगिता को ठीक प्रकार से संचालित करने के लिए आवश्यक होते है।
  • प्रतियोगिता के बाद समितियां
    • यह समितियाँ प्रतियोगिता के बाद के कार्यो को पूरा करती है। 

मुख्या समितियाँ  

  • आयोजन / प्रबंधन समिति 
  • प्रचार समिति 
  • क्रय समिति 
  • खेल मैदान व उपकरण समिति 
  • प्रतियोगिता कार्यक्रम समिति 
  • सजावट तथा समारोह समिति 
  • प्राथमिक चिकित्सा समिति 
  • वित्तीय समिति 
  • परिवहन समिति 
  • भोजन तथा आवास समिति
  • अधिकारियों के लिये समिति 
  • पुरस्कार समिति 

 टूर्नामेंट

टूर्नामेंट एक ऐसी प्रतियोगिता है जिसमे एक टीम द्वारा कई मैच खेले जाते है और और सभी मैचों के संयुक्त स्कोर के आधार पर विजेता की घोषणा की जाती यही 

टूर्नामेंट का महत्व

  • खेलकूद कौशल का विकास 
  • खिलाड़ियों का अन्य खिलाड़ियों से मेल 
  • भाईचारे की भावना का विकास 
  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एकता का विकास कता और भाईचारे की भावना भी देता है।
  • खिलाड़ियों के चयन में सुगमता 
  • सामाजिक गुणों (सम्मान, भाईचारा, अनुशासन, सहानुभूति, सहनशीलता आदि) का विकास 

 टूर्नामेंट के प्रकार :-

  • नॉकआउट टूर्नामेंट 
  • लीग या राउंड रॉबिन टूर्नामेंट 
    • सिंगल लीग टूर्नामेंट 
    • डबल लीग टूर्नामेंट 
  • कॉम्बिनेशन टूर्नामेंट 
    • नॉकआउट कम नॉकआउट 
    • लीग कम लीग 
    • नॉकआउट कम लीग 
    • लीग कम नॉकआउट 

जैसे – धन तथा समय की उपलब्धता , उपलब्ध मैदान , उपकरण व खेल अधिकारियों की संख्या ।

नॉक आउट टूर्नामेंट 

इस टूर्नामेंट में हरने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाती है। वह टीम जो सभी मैच जीत कर टूर्नामेंट के अंत तक पहुँचती है विजेता घोषित की जाती है। 

नॉकआउट टूर्नामेंट के लाभ :-

  • कम मैच 
  • कम समय की आवश्यकता 
  • कम खर्च 
  • प्रतियोगिता के आयोजन में सुगमता 
  • सभी टीमों द्वारा पूर्ण कौशल का प्रदर्शन 
  • दर्शको की अधिक रूचि 

नॉक आउट की हानियाँ :-

  • कई बार अच्छी टीमों का प्रतियोगिता से बाहर हो जाना 
  • एक हार के बाद दुबारा मौका नहीं 
  • नए खिलाड़ियों को मौका नहीं मिल पाता 
  • एक टीम को दूसरी टीम के साथ मैच खेलने के लिए काफी प्रतीक्षा करनी पड़ती है ।
  • खिलाड़ियों पर जीतने का अधिक दवाब 

लीग टूर्नामेंट

इस प्रकार के टूर्नामेंट भाग लेने वाली प्रत्येक टीम अन्य टीम के साथ एक मैच अवश्य खेलती है  प्रत्येक में जीतने पर टीम को अंक दिए जाते है और इन्ही अंको के आधार पर विजेता का चयन किया जाता है। 

लीग टूर्नामेंट के प्रकार :-

  • सिंगल लीग टूर्नामेंट :- सिंगल लीग टूर्नामेंट में भाग लेने वाली प्रत्येक टीम अन्य टीम के साथ एक मैच अवश्य खेलती है 
  • डबल लीग टूर्नामेंट :- डबल लीग टूर्नामेंट में भाग लेने वाली प्रत्येक टीम अन्य टीम के साथ दो मैच अवश्य खेलती है 

लीग टूर्नामेंट के लाभ तथा हानियों :-

लाभ :-

  • सभी टीमों को प्रदर्शन करने का पूरा अवसर 
  • टूर्नामेंट में रूचि अंत तक बनी रहती है 
  • नए खिलाड़ियों को मौका 
  • सभी टीमों को अन्य टीमों के साथ खेलने का मौका 
  • खिलाड़ियों पर कम दवाब 
  • सभी टीमों को खेलने का पूरा मौका मिलता है टीम को हारने के बाद भी टूर्नामेंट से बाहर नहीं किया जाता है । 

हानियाँ :-

  • अधिक धन की आवश्यकता  
  • अधिक समय की आवश्यकता 
  • अधिक मैच 
  • अधिक अधिकारियो और मैदानों की आवश्यकता 
  • अधिक खेल उपकरणों की आवश्यकता 

संयोजन टूर्नामेंट

इस प्रकार के टूर्नामेंट में कुछ मैच लीग के आधार पर और कुछ मैच नॉकऑउट के आधार पर आयोजित किये जाते है 

संयोजन टूर्नामेंट के प्रकार :-

  • नॉक – आउट कम नॉक – आउट 
  • लीग कम लीग 
  • नॉक आउट कम लीग 
  • लीग कम नॉक – आउट 

संस्थान्तर्गत (Intramural) प्रतियोगिता :-

एक संस्था (स्कूल, कॉलेज संस्थान आदि) के अंतर्गत होने वाली प्रतियोगिताओ को संस्थांतर्गत प्रतियोगिताएं कहा जाता है। इस प्रकार की प्रतियोगिता में केवल संस्था में शामिल खिलाडी ही हिस्सा ले सकते है।इस प्रकार की प्रतियोगिताओ का मुख्य उद्देश्य संस्था के सदस्यों को खेलो में भाग लेने के लिए प्रेरित करना होता है। 

संस्थांतर्गत प्रतियोगिताओ के लाभ 

  • नैतिक मूल्यों का विकास 
  • खेल कौशल का विकास 
  • बच्चो के स्वास्थ्य और चुस्ती में वृद्धि 
  • खेलो में भाग लेने के अवसरों में वृद्धि  
  • विद्यार्थियों में नेतृत्व के गुणों का विकास 

अंतर्विद्यालयीन प्रतियोगिता 

 इस प्रकार की प्रतियोगिताएं दो या दो से अधिक विद्यालयों के बीच आयोजित की जाती है।  इस प्रकार की प्रतियोगिता द्वारा विभिन्न विद्यालयों और विद्यार्थियों के बीच सम्बन्धो में वृद्धि होती है विजेता विद्यालय का सम्मान बढ़ता है। 

विशिष्ट खेल कार्यक्रम

इस प्रकार के खेल कार्यक्रमों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य खेलो द्वारा समाज में एकता एवं जागरूकता स्थापित करना, विशेष कार्यो के लिए धन संचय करना आदि होता है। 

विशिष्ट खेल कार्यक्रम के उदाहरण :-

  • खेल दिवस 
    • स्कूल – वार्षिक खेल दिवस 
    • राष्ट्रीय खेल दिवस 
  • स्वास्थ्य दौड़े 
  • मनोरंजन दौड़ 
  • विशिष्ट कारणों के लिये दौड़ 
  • एकता दौडे

 

We hope that class 12 Physical Education Chapter 1 खेल में योजना (Planning in Sports) notes in Hindi helped you. If you have any query about class 12 Physical Education Chapter 1 खेल में योजना (Planning in Sports) notes in Hindi or about any other notes of class 12 Physical Education in Hindi, so you can comment below. We will reach you as soon as possible…


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