अंतर्राष्ट्रीय संगठन (CH-6) Notes in Hindi || Class 12 Political Science Chapter 6 in Hindi ||

Class 12 Political Science Book 1 Ch 6 in hindi
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पाठ – 6

अंतर्राष्ट्रीय संगठन

In this post we have given the detailed notes of class 12 Political Science Chapter 6 Antarashatriya Sangathan (International Organisations) in Hindi. These notes are useful for the students who are going to appear in class 12 board exams.

इस पोस्ट में क्लास 12 के राजनीति विज्ञान के पाठ 6 अंतर्राष्ट्रीय संगठन (International Organisations) के नोट्स दिये गए है। यह उन सभी विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है जो इस वर्ष कक्षा 12 में है एवं राजनीति विज्ञान विषय पढ़ रहे है।

BoardCBSE Board, UP Board, JAC Board, Bihar Board, HBSE Board, UBSE Board, PSEB Board, RBSE Board
TextbookNCERT
ClassClass 12
SubjectPolitical Science
Chapter no.Chapter 6
Chapter Name अंतर्राष्ट्रीय संगठन (International Organisations)
CategoryClass 12 Political Science Notes in Hindi
MediumHindi
Class 12 Political Science Chapter 6 Antarashatriya sangathan in Hindi
Class 12th (Pol Science) Ch 6 (International Organisations) in Hindi | Latest Syllabus 2021 | अंतर्राष्ट्रीय संगठन Part – 1 |
Class 12th (Pol Science) Ch 6 (International Organisations) in Hindi | Latest Syllabus 2021 | अंतर्राष्ट्रीय संगठन Part – 2 |
Class 12th (Pol Science) Ch 6 (International Organisations) in Hindi | Latest Syllabus 2021 | अंतर्राष्ट्रीय संगठन Part – 3 |
Table of Content
2. अंतर्राष्ट्रीय संगठन

अंतर्राष्ट्रीय संगठन

वह संगठन जिन्हे अंतर्राष्ट्रीय सत्तर पर कई देशो द्वारा मिल कर बनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय संघटन कहलाते है। इन संगठनों के सदस्य देश होते है और यह पुरे विश्व के लिए काम करते है।

अन्तर्राष्ट्रीय संगठन की जरुरत ?

  • ऐसी समस्याओ को सुलझाने के लिए जिनका समाधान कोई एक देश नहीं कर सकता।
  • देशो के बीच समझौता करवाने के लिए।
  • देशो के बीच सहयोग स्थापित करने के लिए।
  • विश्व में युद्ध होने की सम्भावना को कम करने के लिए।

मुख्य अंतर्राष्ट्रीय संगठन

  • लीग ऑफ़ नेशंस
  • संयुक्त राष्ट्र संघ
  • विश्व बैंक
  • विश्व व्यापार संगठन
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
  • एमेनेस्टी इंटरनेशनल
  • ह्यूमन राइट्स वाच।

लीग ऑफ़ नेशंस

  • प्रथम विश्व युद्ध की वजह से पूरी दुनिया को  भारी नुक्सान का सामना करना पड़ा।
  • इस तरह के विश्व युद्ध को दुबारा होने से रोकने और विश्व में शांति बनाये रखने के लिए सभी देशो ने एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन बनाने की सोची ताकि देशो के बीच के विवादों को बातचीत द्वारा सुलझाया जा सके और फिर से विश्व युद्ध न हो।
  • तभी लीग ऑफ़ नेशंस को बनाया गया।
  • यह संगठन ज़्यादा सफल  नहीं हुआ और दुनिया को दूसरे विश्व युद्ध का सामना करना पड़ा।
  • दूसरा विश्व युद्ध और भी ज़्यादा खतरनाक रहा और इसमें प्रथम विश्व युद्ध से भी ज़्यादा नुक्सान हुआ।
  • सभी देशो को महसूस हुआ की लीग ऑफ़ नेशंस को और ज़्यादा मजबूत बनाने की ज़रूरत है।
  • इसीलिए  लीग ऑफ़ नेशंस को बदल कर संयुक्त राष्ट्र संघ बना  दिया गया।

नोट – संयुक्त राष्ट्र संघ को लीग ऑफ़ नेशंस का उत्तराधिकारी माना जाता है।

संयुक्त राष्ट्र संघ

स्थापना               –                24 OCT 1945

सदस्य                  –                193

मुख्यालय            –                न्यूयॉर्क

उद्देश्य

  • विश्व में शांति बनाये रखना
  • देशो के बीच के विवाद को बातचीत से सुलझाना
  • देशो की मदद करना
  • देशो के सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना
  • देशो के बीच संधिया करवाना
  • विश्व में सहयोग की भावना विकसित करना

प्रमुख अंग

संयुक्त राष्ट्र संघ के 6 प्रमुख अंग है।

  • सुरक्षा परिषद्
  • सचिवालय
  • आर्थिक और सामाजिक परिषद्
  • महासभा
  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
  • न्यास परिषद

सुरक्षा परिषद्

  • सुरक्षा परिषद UNO का सबसे महत्वपूर्ण अंग है।
  • सुरक्षा परिषद् में कुल 15 सदस्य होते है जो 2 भागो में बटे होते है
  • स्थायी 5 सदस्य (अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटैन, चीन और रूस)
  • अस्थायी 10 सदस्य (यह 2 साल के लिए चुने जाते है)
  • हर स्थायी सदस्य के पास एक ख़ास ताकत होती है जिसे वीटो (निषेधाधिकार) कहा जाता है।
  • वीटो का प्रयोग करके स्थायी सदस्य की भी प्रस्ताव को रोक सकते है या सीमित कर सकते है।

सुरक्षा परिषद् के कार्य 

  • देशो के विवादों को सुलझाना
  • विश्व में शांति बनाये रखना
  • शांति  भंग करने वालो को सज़ा देना

सचिवालय

  • UNO की नौकरशाही को सचिवालय कहा जाता है।
  • सचिवालय UNO के लिए काम करने वाले सभी कर्मचारियों का समूह होता है।
  • यह UNO के बाकि अंगो को जानकारी देता है और उनके कामो का लेखा रखता है।

आर्थिक और सामाजिक परिषद

आर्थिक और सामाजिक परिषद् विश्व में सांस्कृतिक, आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास के  लिए काम करती है।

  • स्थापना                              –             1945
  • वर्तमान में सदस्य                –              54
  • बैठक                                 –             इस परिषद की बैठक वर्ष में दो बार होती है
      • जुलाई में जेनेवा में
      • अप्रैल में न्यूयॉर्क में

कार्य

  • विश्व में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक विकास के स्तर को बढ़ाना।

महासभा

  • महासभा UNO के सबसे मुख्य अंगो में से एक है।
  • महासभा में UNO के सभी सदस्यों को एक वोट का अधिकार दिया जाता है यह पर सभी देश बराबर होते है।
  • महासभा एक देश की संसद जैसा होता है जहाँ पर विवादों पर चर्चा की जाती है।
  • महासभा में सामान्य विषयो पर फैसले आम बहुमत तथा और कुछ खास विषयो पर फैसले दो तिहाई बहुमत से लिए जाते है।
  • इसका सम्मलेन हर साल होता है।

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय

  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय देशो के बीच होने वाले विवादों को सुलझाता है।
  • यह हैग(नीदरलैंड) में स्थित है
  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में 15 न्यायाधीश होते है जिन्हे 9 सालो के लिए चुना जाता है।
  • हर 3 साल बाद 5 न्यायधिशो को चुना जाता है।
  • सभी फैसले बहुमत से लिए जाते है।

न्यास परिषद

  • न्यास परिषद् को उन क्षेत्रों की देख रेख करने के लिए बनाया गया पर दूसरे विश्वयुद्ध के सामान्य शासन शुरू नहीं हो सका।
  • इन  क्षेत्रों का सम्पूर्ण  देख रेख करना न्यास परिषद की जिम्मेदारी थी।
  • शरुआत में इसमें 11 देशो को रखा गया था।
  • 1996 में पलामू द्वीप के आज़ाद होने के बाद इसका काम खत्म हो गया
  • पर इसे खत्म नहीं किया गया।

संयुक्त राष्ट्र् संघ में सुधार

शीत युद्ध की समाप्ति के बाद से  विश्व में कई सारे परिवर्तन आये  और अब विश्व के सामने अलग तरह की चुनौतियां है।

शीत युद्ध के बाद आये बदलाव

  • सोवियत संघ का विघटन
  • एक ध्रुवीय विश्व की शरुआत
  • अमेरिकी वर्चस्व की शुरुआत
  • चीन का तेज़ी से विकास करना
  • एशिया की अर्थव्यवस्था का तेज़ी का विकास करना।
  • नई चुनौतियां
  • आतंकवाद
  • जलवायु परिवर्तन (ग्लोबल वॉरमिंग)
  • गृहयुद्ध
  • परमाणु हथियारों का प्रसार
  • पर्यावरण का विनाश
  • महामारियाँ।

इन्ही बदलावों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ में सुधार की बात सामने आई।  क्योकि स्थापना के बाद से संयुक्त राष्ट्र संघ में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया पर विश्व की परिस्थितियाँ बहुत ज़्यादा बदल चुकी है।

प्रस्तावित सुधार

  • UNO के न्यायाधिकार के क्षेत्र में आने वाले मुद्दों को बढ़ाना।
  • UNO की बनावट में सुधार करना
  • वीटो वाले देशो की संख्या को बढ़ाना
  • सुरक्षा परिषद् में नए देशो को करना
  • UNO के कार्य करने के तरीके को बदलना

नोट :- इन्ही माँगो को देखते हुए 1992 में UNO की आम  सभा में एक प्रस्ताव पास किया गया

प्रस्तावित सुधार की शिकयतें

इस प्रस्ताव में तीन मुख्य शिकायते थी।

  • सुरक्षा परिषद् विश्व वर्तमान राजनीतिक स्थिति की नुमाइंदगी नहीं करता।
  • इसके फैसले पर पश्चिमी देशो के हितों की छाप दिखती है।
  • सुरक्षा परिषद् में बराबर का प्रतिनिधित्व नहीं है।

संयुक्त राष्ट्र संघ में किये गए बदलाव 

संयुक्त राष्ट्र संघ को और प्रासंगिक बनाने के लिए सितम्बर 2005 में कुछ बदलाव किये गए।

  • शांति संस्थापक आयोग का गठन किया गया।
  • यदि कोई देश अपने नागरिको को अत्याचार से बचाने में असफल को जाएगा तो विश्व बिरादरी उसकी जिम्मेदारी लेगी।
  • हर प्रकार के  आतंकवाद की निंदा
  • मानवाधिकार परिषद् की स्थापना (19 जून 2006)
  • लोकतंत्र कोष का गठन

इसी के साथ – साथ सुरक्षा परिषद् की स्थाई सदस्यता के लिए प्रदान करने के लिए कुछ मानदंड प्रस्तावित किये गए (प्रस्तावित किये गए बनाये नहीं गए)
ऐसा कहा गया की जो इन मानदंडों को पूरा करेगा वो सुरक्षा परिषद् का स्थाई सदस्य बन सकता है।

  • बड़ी आर्थिक शक्ति
  • बड़ी जनसँख्या
  • बड़ा भू क्षेत्र
  • विशाल सैन्य ताकत
  • UNO के बजट में उच्च योगदान
  • लोकतंत्र और मानवाधिकारों का सम्मान
  • सांस्कृतिक विविधता

अगर ऊपर लिखे मानदंडों के हिसाब से स्थाई सदस्य को चुना जाये तो भारत सभी मानदंडों को पूरा करता है और UNO की सुरक्षा परिषद् में स्थाई सदस्य बनने का सबसे बड़ा दावेदार है।

एक ध्रुवीय विश्व और अमेरिका

विश्व के लगभग सभी देशो का मानना है की एक ध्रुवीय विश्व में संयुक्त राष्ट्र संघ प्रभावी नहीं है।  ऐसा इसीलिए कहा गया क्योकि-

  • UNO पर अमेरिका का खास प्रभाव है।
  • UNO के बजट में सबसे ज़्यादा योगदान अमेरिका देता है।
  • UNO का मुख्यालय अमेरिका के न्यूयॉर्क में है और इसी वजह से इसके ज़्यादातर नौकरशाह अमेरिकी है।
  • UNO की सुरक्षा परिषद् में अमेरिका स्थाई सदस्य के रूप  में  है और इसके पास वीटो का अधिकार भी है।
  • अपनी सैन्य और आर्थिक शक्ति के अमेरिका हमेशा से ही UNO की अनदेखी करता आया है।

अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठन

  • विश्व बैंक
  • विश्व व्यापार संगठन
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
  • एमेनेस्टी इंटरनेशनल
  • ह्यूमन राइट्स वाच।

विश्व बैंक

स्थापना       –               1945
सदस्य         –               189
मुख्यालय     –               वाशिंगटन डी सी

उद्देश्य

  • विकासशील देशो को ऋण प्रदान करना।
  • गरीब और विकासशील देशो की विकास करने में मदद करना

विश्व व्यापार संगठन

स्थापना      –               1995 (इससे पहले GATT (General Agreement on Tariffs and Trade) हुआ करता था )
मुख्यालय    –               जिनेवा
सदस्य        –               164

उद्देशय

  • विश्व के सभी देशो के बीच मुक्त व्यापर को बढ़ावा देना।
  • अंतर्राष्ट्रीय व्यपार से सम्बंधित नियम बनाना।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष

स्थापना      –               1944 में रूपरेखा बनाई गई और 1945 में हस्ताक्षर किये गए
मुख्यालय    –               वाशिंगटन डी सी
सदस्य        –               189 (वर्तमान में )

उद्देश्य

  • देशो की  आर्थिक स्थिति पर नज़र रखना
  • आर्थिक और तकनीकी सहायता  प्रदान करना

एमनेस्टी इंटरनेशनल

स्थापना      –               1961
मुख्यालय    –               लंदन

उद्देश्य

  • मानवाधिकारों की रक्षा करना
  • मानवाधिकारों से सम्बंधित रिपोर्ट प्रकाशित करना
  • विश्व के लोगो को मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करना

ह्यूमन राइट्स वाच

स्थापना      –               1978
मुख्यालय    –               न्यूयॉर्क

उद्देश्य

  • मानवाधिकारों की रक्षा करना

यूनेस्को (UNESCO)

  • संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन
  • United Nations Educational, Scientific and Cultural Organisation
  • UNESCO संयुक्त राष्ट्र संघ का एक हिस्सा है इसकी स्थापना दुनिया में शिक्षा विज्ञान और संस्कृति के विकास के लिए की गई थी
  • इसे बनाने का प्रस्ताव 16 नवंबर 1945 को पेश किया गया
  • स्थापना                  –               4 नवंबर 1946
  • मुख्यालय                –               पेरिस (फ्रांस) में है
  • सदस्य                    –               193 पूर्ण सदस्य एवं 11 सहयोगी सदस्य

Note : इससे पहले इसकी सदस्य संख्या 195 थी पर अमेरिका और इजरायल के हटने के बाद से इसकी सदस्य संख्या 193 हो गई

मुख्य कार्यक्षेत्र

  • लोगों का विकास
  • युवा
  • विकासशील देश
  • छोटे द्वीप
  • अल्प विकसित देश
  • इसके अलावा यूनेस्को विश्व विरासत स्थलों (World Heritage Sites) को निर्धारित करके उनकी देखरेख का काम भी करता है
  • विश्व विरासत स्थल उन स्थलों को कहा जाता है जो सांस्कृतिक या प्राकृतिक रूप से मानव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है
  • भारत के कुल 38 स्थल विश्व विरासत स्थल निर्धारित किए गए हैं

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF)

  • United Nations International Children’s Emergency Fund
  • अब इसके नाम में से International और Emergency शब्द को हटा दिया गया है
  • United Nations Children’s Fund
  • स्थापना                  –               11 दिसंबर 1946
  • मुख्यालय                –               न्यूयॉर्क
  • सदस्य                    –               190 देश
  • Head                     –               Henrietta H. Fore

उद्देश्य

  • यूनिसेफ की स्थापना बाल शिक्षा स्वास्थ्य और कल्याण के लिए की गई
  • यूनिसेफ विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर बच्चों के लिए अनेक कार्य करता है जैसे कि बच्चों का टीकाकरण, पोषक आहार उपलब्ध करवाना, बीमारियों से बचाव आदि

उपलब्धियां

  • 1965 में यूनिसेफ को शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया
  • बच्चों के टीकाकरण के लिए हर साल यूनिसेफ द्वारा लगभग 3 बिलियन टीके उपलब्ध करवाए जाते हैं
  • 1989 में यूनिसेफ को इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया
  • 2005 में अमिताभ बच्चन, 2013 में सचिन तेंदुलकर और 2016 में प्रियंका चोपड़ा यूनिसेफ की ब्रांड अंबेसडर रह चुके है

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संघ (ILO)

International Labour Organization

  • इसका गठन 1919 में किया गया और 2019 में इसने अपने 100 साल पूरे कर लिए हैं
  • 1946 में यह संयुक्त राष्ट्र संघ में शामिल हुआ
  • मुख्यालय                –               जिनेवा (स्विजरलैंड)

उद्देश्य

  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रमिक अधिकारों को बढ़ावा देना
  • वैश्विक स्तर पर सामाजिक न्याय बनाए रखना
  •  उपलब्धियां
  • 1969 में आई एल ओ को शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया
  • वैश्विक स्तर पर मजदूरों के अधिकारों की रक्षा कर विकास में योगदान दिया

 

We hope that Class 12 Political Science Chapter 6 Antarashatriya sangathan (International Organisations) notes in Hindi helped you. If you have any query about Class 12 Political Science Chapter 6 Antarashatriya sangathan (International Organisations) notes in Hindi or about any other notes of class 12 political science in Hindi, so you can comment below. We will reach you as soon as possible…


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